Cold Wave Alert: देश के कई हिस्सों में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शीतलहर और घना कोहरा आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खास असर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं। कहीं स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं तो कहीं समय में बदलाव कर पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में स्कूल रहेंगे बंद
उत्तर प्रदेश में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है।
इन जिलों में बढ़ी छुट्टियां
सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बदायूं और बरेली जैसे जिलों में 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 17 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं प्रयागराज में ठंड की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां 20 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। हालांकि 19 जनवरी को रविवार होने के कारण यहां स्कूल 20 जनवरी के बाद ही खुलेंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं प्री-बोर्ड और अन्य परीक्षाओं के कारण पहले की तरह संचालित होती रहेंगी। अन्य जिलों में फिलहाल कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि प्राथमिक और जूनियर कक्षाओं के लिए छुट्टियों का दायरा और बढ़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में स्कूल खुले, लेकिन निगरानी जारी
दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी ठंड का प्रकोप जारी है। राजधानी में पहले स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखा गया था। इसके बाद 16 जनवरी से सभी कक्षाएं दोबारा शुरू कर दी गई हैं। हालांकि घने कोहरे और ठंडी हवाओं को देखते हुए सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हाइब्रिड मोड पर हो सकती है पढ़ाई
सूत्रों के अनुसार, यदि ठंड और बढ़ती है तो 5वीं तक के छात्रों के लिए पढ़ाई को हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चलाया जा सकता है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा में भी स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ीं
हरियाणा, खासकर एनसीआर से सटे जिलों में ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। सुबह के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां 18 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। अब 19 जनवरी से सभी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू होगी।
चंडीगढ़ में 19 जनवरी से खुलेंगे स्कूल
चंडीगढ़ प्रशासन ने भी मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों में दो दिन का इजाफा किया है। पहले स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का आदेश था, लेकिन अब संशोधित आदेश के अनुसार 19 जनवरी से कक्षाएं दोबारा शुरू होंगी। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हालात सामान्य होने पर ही स्कूल खोले जाएंगे।
पंजाब में स्कूल खुले, समय में बदलाव
पंजाब सरकार ने फिलहाल स्कूलों को बंद करने को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं किया है। राज्य के अधिकांश जिलों में 16 जनवरी से स्कूल खुल चुके हैं। हालांकि ठंड को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
नया स्कूल टाइम
अब पंजाब में स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह फैसला बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। अभिभावकों और शिक्षकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
अन्य राज्यों में भी हालात पर नजर
बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि यहां अभी तक स्कूल बंद करने या समय बदलने को लेकर कोई ठोस आदेश नहीं आया है। शिक्षा विभाग मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है।
ठंड का असर सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं
शीतलहर और कोहरे का प्रभाव केवल स्कूलों की छुट्टियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन रहा है। बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों को सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचाना चाहिए।अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, गर्म भोजन दें और बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। कुल मिलाकर, मौसम के तेवर अभी नरम पड़ते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और भी राज्यों में स्कूलों को लेकर नए आदेश देखने को मिल सकते हैं। बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गए ये फैसले फिलहाल राहत देने वाले माने जा रहे हैं।









