Petrol Diesel LPG Gas Latest Rates: को लेकर आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2026 की शुरुआत में जब लोग अपने मासिक और वार्षिक बजट की नई योजना बना रहे हैं, तब ईंधन की कीमतों का स्थिर रहना एक सुकून देने वाला संकेत माना जा रहा है। 16 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार देश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, लेकिन लगातार बढ़ोतरी न होने से लोगों को खर्च का अनुमान लगाने में आसानी हो रही है।
ईंधन के दाम केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इसका असर रसोई के बजट, परिवहन खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ता है। यही कारण है कि पेट्रोल, डीजल और गैस के ताजा रेट जानना हर वर्ग के लिए जरूरी हो जाता है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू टैक्स नीति तक कई स्तरों पर निर्भर करती है। सबसे पहले कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें अहम भूमिका निभाती हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है, तो उसका असर भारत में भी देखने को मिलता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित करती है। रुपया कमजोर होने पर तेल आयात महंगा पड़ता है, जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट भी अंतिम कीमत तय करने में बड़ा योगदान देता है।
Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियां इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए रोजाना नए रेट जारी करती हैं। इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं।
महानगरों में पेट्रोल के आज के भाव
16 जनवरी 2026 को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिर भी शहरों के बीच रेट में अंतर साफ नजर आता है।
दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹94.77 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। मुंबई में यही पेट्रोल करीब ₹103.50 प्रति लीटर बिक रहा है। बेंगलुरु में पेट्रोल का भाव लगभग ₹102.99 प्रति लीटर है, जबकि हैदराबाद में कीमत ₹107.46 प्रति लीटर के करीब दर्ज की गई है।
महानगरों में पेट्रोल के ऊंचे दामों का असर खासतौर पर रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है। लंबी दूरी, ट्रैफिक जाम और निजी वाहनों की अधिक निर्भरता के कारण मासिक खर्च काफी बढ़ जाता है।
डीजल के दाम और आम लोगों पर उसका असर
डीजल को देश की सप्लाई चेन की रीढ़ माना जाता है। ट्रक, बसें, कृषि उपकरण, निर्माण मशीनें और जनरेटर—सब डीजल पर निर्भर करते हैं। यही कारण है कि डीजल के दामों में बदलाव का असर सीधे महंगाई पर पड़ता है।
फिलहाल 16 जनवरी 2026 को कई शहरों में डीजल की कीमतें ₹90 से ₹95 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं। दाम स्थिर जरूर हैं, लेकिन ऊंचे स्तर पर होने के कारण परिवहन लागत ज्यादा बनी हुई है।
जब डीजल महंगा होता है, तो सब्जियां, फल, दूध, अनाज और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई महंगी हो जाती है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए भी डीजल की कीमतें अहम होती हैं, क्योंकि सिंचाई पंप, ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण इसी ईंधन पर चलते हैं।
घरेलू LPG गैस सिलेंडर के ताजा रेट
घरेलू LPG गैस सिलेंडर हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल घरेलू गैस के दामों में कोई नया इजाफा नहीं किया गया है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली है।
लखनऊ में 14.2 किलोग्राम का घरेलू LPG सिलेंडर लगभग ₹840.50 में उपलब्ध है। अन्य शहरों में यह कीमत स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी चार्ज के कारण थोड़ी अलग हो सकती है।
गैस के दाम स्थिर रहने से घरों का रसोई बजट फिलहाल संतुलित बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में LPG की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, ऐसे में स्थिरता अपने आप में राहत मानी जा रही है।
राज्यों के अनुसार ईंधन के दाम अलग क्यों होते हैं
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि एक ही देश में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण टैक्स स्ट्रक्चर है। केंद्र सरकार पूरे देश में एक्साइज ड्यूटी लगभग समान रखती है, लेकिन राज्य सरकारें अपने-अपने बजट और जरूरतों के अनुसार वैट तय करती हैं।
यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता या बेंगलुरु जैसे शहरों में ईंधन के दाम अलग-अलग नजर आते हैं। इसके अलावा परिवहन खर्च और स्थानीय चार्ज भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।
आम उपभोक्ताओं के लिए दाम स्थिर रहने का क्या मतलब है
हालांकि पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम अभी भी ऊंचे हैं, लेकिन फिलहाल उनमें स्थिरता रहने से लोगों को अपने खर्च की योजना बनाने में आसानी हो रही है। जब कीमतें रोज बदलती हैं, तो बजट बिगड़ जाता है, लेकिन स्थिर रेट होने से मासिक खर्च का अनुमान लगाया जा सकता है।
ऐसे समय में ईंधन बचत पर ध्यान देना समझदारी भरा कदम हो सकता है। सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग, कार पूलिंग, समय पर वाहन की सर्विसिंग और ऊर्जा-दक्ष विकल्प अपनाकर खर्च को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
आने वाले दिनों में क्या रह सकता है रुझान
विशेषज्ञों के अनुसार ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों पर निर्भर रहेंगी। यदि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और टैक्स में कोई बदलाव नहीं होता, तो निकट भविष्य में भी दामों में बड़ी हलचल की संभावना कम है।
हालांकि वैश्विक घटनाएं, भू-राजनीतिक तनाव या मुद्रा बाजार में बदलाव कभी भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे समय-समय पर ताजा रेट की जानकारी लेते रहें।
निष्कर्ष
16 जनवरी 2026 को पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG गैस की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। दाम ऊंचे जरूर हैं, लेकिन फिलहाल स्थिर बने हुए हैं, जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत मिली है। सही और ताजा जानकारी के साथ अपने खर्च की योजना बनाना आज के समय की जरूरत है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच बजट संतुलित रखा जा सके।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की कीमतें स्थान और समय के अनुसार बदल सकती हैं। सटीक और अद्यतन रेट के लिए संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।











