IMD Weather Alert: के तहत उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा रुख लिया है, जिसने आम लोगों से लेकर किसानों तक की चिंता बढ़ा दी है। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला शुरू हो गया है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई है, वहीं कुछ इलाकों में ओले गिरने से फसलों और जनजीवन को नुकसान पहुंचा है। मौसम में यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देखा जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी परिवर्तन का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। हालांकि बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे रात के समय चल रही भीषण शीत लहर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम परिवर्तन की वजह
उत्तर भारत में मौसम के अचानक बिगड़ने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की अहम भूमिका मानी जा रही है। यह विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत से होते हुए मैदानी इलाकों तक असर दिखा रहा है। इसके चलते बादल घिरे हुए हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो सर्दियों के मौसम में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश में यही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां कई जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है।
येलो अलर्ट जारी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के तहत लोगों को खराब मौसम के प्रति सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है, वहीं खुले इलाकों में काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश और ओले गिरने की आशंका बनी हुई है।
कोहरे से मिल सकती है राहत
लगातार हो रही बारिश और हवा की दिशा में बदलाव के कारण प्रदेश में कोहरे के प्रभाव में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में हवाओं की गति बढ़ने से वातावरण में नमी कम होगी, जिससे घने कोहरे का असर धीरे-धीरे घट सकता है।
20 जनवरी के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरे के छंटने की उम्मीद है। इससे सुबह और रात के समय दृश्यता में सुधार होगा और सड़क व रेल यातायात को राहत मिल सकती है। लंबे समय से घने कोहरे और ठंड से परेशान लोगों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
22 जनवरी से फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 22 जनवरी से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। यह स्थिति एक से दो दिन तक बनी रह सकती है।
इस दौरान तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बारिश के बाद आसमान साफ होने और धूप निकलने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि रातें अभी भी ठंडी बनी रह सकती हैं।
किन जिलों में ज्यादा असर की आशंका
प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और कोहरे का प्रभाव बना हुआ है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की वजह से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों को आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही आम नागरिकों को भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के बाद मिल सकती है ठंड से राहत
लगातार पड़ रही ठंड और शीत लहर के बीच बारिश एक तरह से दोहरा असर डाल रही है। जहां एक ओर बारिश और ओले परेशानी बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इससे तापमान में गिरावट की रफ्तार थम सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रात की ठंड कुछ हद तक कम होगी।
बारिश के बाद जब मौसम साफ होगा और धूप निकलेगी, तो दिन के समय लोगों को ठंड से राहत महसूस हो सकती है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में अब भी जारी ठंड का कहर
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घना कोहरा और शीत लहर के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं और दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड का यह दौर 26 जनवरी तक बना रह सकता है। गणतंत्र दिवस के बाद ही मौसम में कुछ सुधार के संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है।
निष्कर्ष: अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
उत्तर प्रदेश में बदले हुए मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। बारिश, ओलावृष्टि, ठंड और कोहरे का यह मिला-जुला असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बारिश के बाद जहां ठंड से कुछ राहत मिल सकती है, वहीं नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।











