North India Weather: उत्तर भारत में इस समय सर्दी अपने चरम पर है और मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड
उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। कुछ इलाकों में तो ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में गिरे ओलों के कारण तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने शीतलहर का असर और बढ़ा दिया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। धूप न निकलने के कारण दिन के तापमान में खास बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में गिरावट से ठंड और ज्यादा महसूस की जा सकती है। घने कोहरे की स्थिति बने रहने से सुबह और देर रात के समय यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी ठंड का प्रकोप
केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इन राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं शहरों में ठंड से बचने के लिए लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण इन राज्यों में नमी बढ़ी है, जिससे कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक हालात में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में अगले तीन दिनों तक बारिश और हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मनाली, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ गिरने से तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे जा सकता है।
उत्तराखंड में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल और ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे जाने की संभावना है, जिससे बर्फबारी का सिलसिला तेज हो सकता है। इससे जहां एक ओर पर्यटकों के लिए नजारा आकर्षक होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर में ठंड बरकरार रहने की संभावना
जम्मू-कश्मीर में भी आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, घाटी में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड का असर लगातार बना रहेगा। कई इलाकों में सड़कों पर बर्फ जमने से यातायात प्रभावित हो सकता है। स्कूलों और दफ्तरों के समय में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, ताकि लोगों को अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके।
दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का कहर, तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह के समय घना कोहरा छाने से दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिसका सीधा असर सड़क यातायात और हवाई उड़ानों पर पड़ रहा है। कई उड़ानों में देरी हो रही है और कुछ ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बादल छाए रहने के कारण न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और यह लगभग 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, हवा में नमी और ठंडी हवाओं के चलते ठंड का एहसास कम नहीं होगा। लोगों को अभी सर्दी से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसके अलावा, सप्ताह के अंत में राजधानी में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम और ठंडा हो सकता है।
मौसम को लेकर सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। घने कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने, जरूरी न हो तो लंबी यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। किसानों को भी फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा, बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखते हुए सावधानी के साथ दिनचर्या अपनाने की जरूरत है।













