UP School Holiday Update: उत्तर भारत में ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने एक बार फिर से जनजीवन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। इसका सीधा असर स्कूलों की नियमित पढ़ाई पर पड़ा है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर अलग-अलग फैसले लिए जा रहे हैं। कहीं छुट्टियां खत्म हो चुकी हैं, तो कहीं अभी भी बच्चों को ठंड से राहत देने के लिए स्कूल बंद रखे गए हैं। अभिभावकों और छात्रों के मन में यह सवाल लगातार बना हुआ है कि आखिर उनके जिले में स्कूल कब खुलेंगे और कहां अभी अवकाश जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर ताजा स्थिति
उत्तर प्रदेश में अधिकांश जिलों में शीतकालीन अवकाश पहले ही घोषित किया जा चुका था। कई जिलों में यह छुट्टियां 18 जनवरी तक रखी गई थीं और 19 जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी थी। हालांकि, कुछ जिलों में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है। प्रयागराज इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 20 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने यह फैसला माघ मेला और तीर्थ यात्रियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। एनसीआर से सटे जिलों जैसे नोएडा और गाजियाबाद में भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के कारण GRAP-4 जैसे कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं, जिससे स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ने या फिर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने की संभावना बनी हुई है। कुछ जिलों में स्कूल खुलने के बाद भी टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है और कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित की जा सकती हैं।
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड के चलते बढ़ी छुट्टियां
उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। खासतौर पर छोटे बच्चों को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों की छुट्टी बढ़ा दी है। अब 19 जनवरी को भी प्राथमिक स्कूल बंद रहेंगे। मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर आगे भी छुट्टियों को बढ़ाया जा सकता है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों को घर पर ही रखें और किसी भी नई सूचना के लिए प्रशासनिक आदेशों पर नजर बनाए रखें।
बिहार में समाप्त हुआ शीतकालीन अवकाश
बिहार में स्कूलों का विंटर वेकेशन अब समाप्त हो चुका है। 17 जनवरी को छुट्टियों का अंतिम दिन था और फिलहाल किसी भी जिले में स्कूल बंद रखने का नया आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 19 जनवरी से राज्य के अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मौसम अचानक खराब होता है या कोहरे का प्रकोप बढ़ता है, तो जिला स्तर पर नए फैसले लिए जा सकते हैं। फिलहाल छात्रों को स्कूल जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा में छुट्टियों को लेकर इंतजार
हरियाणा में ठंड और घने कोहरे के चलते स्कूलों को 18 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद छुट्टियों को आगे बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई नया नोटिफिकेशन नहीं आया है। अगर मौसम में अचानक कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तो 19 जनवरी से स्कूल दोबारा खुल सकते हैं। कई जिलों में स्कूल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन अभिभावक अभी भी अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
राजस्थान में भी खुलेंगे स्कूल
राजस्थान में भी शीतकालीन अवकाश 18 जनवरी तक ही घोषित किया गया था। अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में 19 जनवरी से स्कूलों के खुलने की संभावना है। हालांकि, कुछ जिलों में सुबह के समय कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूल प्रबंधन को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 का असर
दिल्ली में प्रदूषण और ठंड दोनों ने हालात को जटिल बना दिया है। अगर GRAP-4 लागू किया जाता है, तो स्कूलों को फिर से बंद किया जा सकता है या ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया जा सकता है। नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूलों से आने वाले संदेशों और प्रशासनिक आदेशों पर ध्यान दें।
राज्यवार स्कूल अवकाश का संक्षिप्त हाल
दिल्ली में हालात के अनुसार स्कूल बंद या ऑनलाइन कक्षाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश में अधिकतर जिलों में स्कूल खुलेंगे, लेकिन प्रयागराज और एनसीआर से सटे इलाकों में छुट्टियां बढ़ सकती हैं। बिहार में छुट्टियां समाप्त हो चुकी हैं और पढ़ाई शुरू होने जा रही है। हरियाणा और राजस्थान में भी 19 जनवरी से स्कूल खुलने की तैयारी है। पंजाब में पहले ही स्कूल दोबारा खोले जा चुके हैं, हालांकि कुछ जगहों पर समय में बदलाव किया गया है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, स्कूलों की छुट्टियों को लेकर हर राज्य में स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। ठंड, कोहरा, प्रदूषण और स्थानीय आयोजनों के कारण प्रशासन जिला स्तर पर फैसले ले रहा है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। आने वाले दिनों में मौसम की चाल ही तय करेगी कि स्कूल पूरी तरह खुलेंगे या बच्चों को अभी कुछ दिन और घर पर ही रहना पड़ेगा।












